चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने प्रदेश में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बीटी कपास के हाइब्रिड बीजों पर 33 प्रतिशत सब्सिडी देने की घोषणा की है. किसानों को यह सब्सिडी केवल पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू), लुधियाना द्वारा अनुशंसित बीजों पर मिलेगी.
राज्य के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह ने बताया कि इस योजना के लिए 20 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है. उन्होंने कहा कि इससे कपास उत्पादकों पर वित्तीय बोझ कम होगा और किसान कीट-प्रतिरोधी, उच्च उपज देने वाले हाइब्रिड बीटी कपास अपनाने के लिए प्रोत्साहित होंगे. राज्य सरकार का लक्ष्य इस वर्ष कपास का रकबा 1.25 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाना है.
धान-गेहूं चक्र से बाहर निकालने की पहल
पंजाब सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 में बताया गया है कि पारंपरिक धान-गेहूं की फसल प्रणाली भूजल स्तर में गिरावट और कृषि की टिकाऊता में कमी का कारण बन रही है. ऐसे में फसल विविधीकरण, विशेषकर कपास जैसी खरीफ फसलें, एक व्यवहारिक विकल्प के रूप में उभर रही हैं.
योजना के तहत लाभ
हर किसान अधिकतम पांच एकड़ या दस पैकेट (475 ग्राम प्रति पैकेट) तक बीटी कपास बीजों की खरीद पर सब्सिडी का लाभ ले सकता है. किसानों से बीज खरीद के समय मूल बिल प्राप्त करने का आग्रह किया गया है. वहीं, नकली बीजों की रोकथाम के लिए विभागीय निगरानी बढ़ाई जाएगी.
कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे इस योजना का अधिकतम लाभ उठाएं और टिकाऊ कृषि की ओर कदम बढ़ाएं.