पठानकोट जिले के गांव डडवां स्थित जंगल में आज दोपहर अचानक भीषण आग लग गई. आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही पलों में करीब दो किलोमीटर के दायरे को अपनी चपेट में ले लिया. जंगल में सूखी घास और लकड़ी की भरमार होने के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया है.
स्थानीय लोगों ने आग बुझाने के लिए बाल्टियों और पाइपों का सहारा लिया, लेकिन तेज हवाओं ने आग को और भड़का दिया. स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि आग के करीब जाना भी जानलेवा साबित हो सकता था.
गांव के सरपंच के पति जोगिन्द्र पाल ने तुरंत पठानकोट फायर ब्रिगेड से संपर्क किया, लेकिन वहां से जवाब मिला कि उनके पास सिर्फ एक फायर गाड़ी है और वह उपलब्ध नहीं है. उन्हें जुगियाल फायर स्टेशन से संपर्क करने को कहा गया, लेकिन वहां से भी निराशाजनक जवाब मिला — “ड्राइवर उपलब्ध नहीं है.”
प्रशासनिक लापरवाही पर नाराजगी जाहिर करते हुए जोगिन्द्र पाल ने सवाल उठाया कि अगर आग गांव तक पहुंचती है और जान-माल का नुकसान होता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है और प्रशासन की ओर से कोई सहायता मौके पर नहीं पहुंची है. स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है.