सुमित: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा जारी साप्ताहिक आंकड़ों ने बाजार में हलचल मचा दी है. 24 अक्टूबर 2025 को समाप्त हुए सप्ताह में, देश का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) एक बड़ी कमी के साथ $6.93 बिलियन (लगभग ₹60,000 करोड़ से अधिक) घटकर $695.35 बिलियन पर आ गया। यह गिरावट लगभग तीन महीनों में सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है.
₹60,000 करोड़ खर्च होने के मुख्य कारण
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि RBI ने डॉलर बेचकर रुपये को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ₹88 के स्तर से नीचे बनाए रखने के लिए यह हस्तक्षेप किया. रुपये की अस्थिरता को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय बैंक को अपने बहुमूल्य डॉलर भंडार का उपयोग करना पड़ा.
विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियाँ (FCA) में बड़ी कमी
भंडार का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा, FCA, $3.86 बिलियन घटकर $566.54 बिलियन रह गया. इसमें डॉलर के मुकाबले यूरो, पाउंड और येन जैसी अन्य मुद्राओं के मूल्य में हुए उतार-चढ़ाव का प्रभाव भी शामिल है.
स्वर्ण भंडार के मूल्य में गिरावट
इसी सप्ताह सोने के भंडार का मूल्य भी $3.01 बिलियन कम हो गया, जो कुल गिरावट का लगभग आधा है. यह कमी ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतों में नरमी या पुनर्मूल्यांकन (revaluation) के कारण हुई.
अर्थव्यवस्था पर असर
रिजर्व में आई यह भारी गिरावट बाजार को यह संकेत देती है कि ग्लोबल और डोमेस्टिक मोर्चे पर रुपये पर दबाव बरकरार है. हालांकि RBI का यह कदम विनिमय दर में अत्यधिक अस्थिरता को नियंत्रित करने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, लेकिन भंडार में लगातार हो रही कमी एक चिंता का विषय बनी हुई है.