अरशद खान: गन्ना भुगतान में हो रही अनिश्चितकालीन देरी से नाराज़ पंजाब के किसान संगठनों ने सरकार को कड़ा अल्टीमेटम दिया है. किसानों ने 15 नवंबर तक पिछले गन्ना सीजन का 93 करोड़ रुपये (सहकारी और निजी चीनी मिलों का मिलाकर 213 करोड़ रुपये) बकाया भुगतान तुरंत जारी करने की मांग की है.
किसान नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार इस समय सीमा तक बकाया राशि का भुगतान नहीं करती है, तो 21 नवंबर को नेशनल हाईवे जाम कर अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा.
आर्थिक नुकसान से बढ़ी नाराजगी
किसानों का कहना है कि चीनी मिलों द्वारा भुगतान में जानबूझकर की जा रही देरी के कारण उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. नियमानुसार, गन्ने की खरीद के 14 दिनों के भीतर भुगतान हो जाना चाहिए, लेकिन कई महीनों से पैसा बकाया है. इस देरी के चलते किसान न तो समय पर अगली फसल की बुआई कर पा रहे हैं और न ही अपने दैनिक खर्चों को पूरा कर पा रहे हैं, जिसके कारण उन्हें कर्ज लेना पड़ रहा है.
सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
दोआबा और माझा क्षेत्र के किसान संगठनों ने पंजाब सरकार की निष्क्रियता पर गहरी निराशा व्यक्त की है. उन्होंने आरोप लगाया कि नवंबर में नए गन्ना सीजन की शुरुआत होने के बावजूद, सरकार ने न तो गन्ने के दाम बढ़ाए हैं और न ही शुगर केन कंट्रोल बोर्ड का पुनर्गठन किया है, जिससे खरीद और भुगतान की प्रक्रिया रुकी हुई है. किसान नेताओं ने सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने, बकाया राशि जारी करने और गन्ने की कीमतों में बढ़ोतरी करने की मांग की है, ताकि किसानों को राहत मिल सके.