अरशद खान: पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) में सीनेट चुनावों की घोषणा की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच सोमवार को हिंसक झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा.
विरोध का कारण: ‘पंजाब यूनिवर्सिटी बचाओ मोर्चा’ के बैनर तले छात्र लंबे समय से लंबित सीनेट चुनावों की तारीखें तुरंत घोषित करने की मांग कर रहे थे. उनका आरोप है कि प्रशासन जानबूझकर छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकार को टाल रहा है.
प्रदर्शनकारी छात्र यूनिवर्सिटी के गेट नंबर 1 और 2 पर जमा हुए और नारेबाजी करते हुए परिसर में घुसने का प्रयास किया. पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए बैरिकेड लगाए थे. जब छात्रों ने बैरिकेड तोड़कर जबरन अंदर घुसने की कोशिश की और पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की शुरू हुई, तो स्थिति बेकाबू हो गई. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया, जिसमें कुछ छात्रों और प्रदर्शनकारियों को चोटें आईं.
यूनिवर्सिटी प्रशासन के अनुसार, प्रदर्शन में छात्र संगठनों के अलावा किसान जत्थेबंदियों और अन्य सामाजिक व पंथिक संगठनों के हजारों बाहरी लोग भी शामिल हो गए थे, जिससे छात्र आंदोलन ने एक राजनीतिक रंग ले लिया. कुलपति रेणु विग ने भी बयान दिया कि यह अब केवल सीनेट का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि बाहरी राजनीतिक तत्वों द्वारा यूनिवर्सिटी को अपने एजेंडे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है.
परिसर में भारी पुलिस बल तैनात है और तनावपूर्ण शांति बनी हुई है. छात्र और राजनीतिक दल पुलिस की कार्रवाई की निंदा कर रहे हैं, जबकि प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है.