पंजाबी भाषा को वैश्विक पहचान: अंतर्राष्ट्रीय ओलंपियाड में 2.33 लाख से अधिक छात्रों का पंजीकरण

पंजाबी भाषा के पुनरुद्धार और वैश्विक स्तर पर इसके प्रचार के प्रयासों को एक बड़ी सफलता मिली है। पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने घोषणा की है कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) द्वारा आयोजित किए जा रहे तीसरे अंतर्राष्ट्रीय पंजाबी भाषा ओलंपियाड के लिए दुनिया भर से 2,33,500 से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया है।

हरजोत सिंह बैंस ने इस अभूतपूर्व प्रतिक्रिया को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के मातृभाषा के प्रति समर्पण का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि 2.33 लाख से अधिक छात्रों का अपनी भाषाई जड़ों से जुड़ना एक सपने के सच होने जैसा है। यह संख्या पिछली प्रतियोगिताओं की तुलना में कई गुना अधिक है, जो युवाओं में पंजाबी भाषा और संस्कृति के प्रति जबरदस्त उत्साह को दर्शाती है।

यह ओलंपियाड मात्र एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि पंजाबी पहचान, विरासत और संस्कृति का उत्सव है। इस पहल का उद्देश्य विदेशों में रहने वाली नई पीढ़ी को भी अपनी ‘माँ बोली’ (मातृभाषा) से जोड़ना और उनमें भाषाई गौरव पैदा करना है।

 

इस कार्यक्रम के आयोजक पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) है. जिसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर पंजाबी भाषा और विरासत का संरक्षण व प्रचार करना है. ओलंपियाड प्रतियोगिता को तीन स्तरों (प्राइमरी, मिडिल और सेकेंडरी) में विभाजित किया गया है.

प्रत्येक श्रेणी में शीर्ष 10 प्रदर्शन करने वाले छात्रों को ₹11,000 (प्रथम), ₹7,100 (द्वितीय) और ₹5,100 (तृतीय) तक के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. शीर्ष प्रदर्शन करने वाले स्कूलों और शिक्षकों को भी विशेष मान्यता दी जाएगी.

पंजीकरण प्रक्रिया 31 अक्टूबर को समाप्त हो गई थी। विभिन्न स्तरों के लिए ऑनलाइन टेस्ट दिसंबर 2025 में आयोजित किए जाएंगे.

शिक्षा मंत्री बैंस ने विश्वास जताया कि यह पहल पंजाबी भाषा के भविष्य के संरक्षकों को तैयार करने में एक मील का पत्थर साबित होगी.

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