सुमित: उत्तराखंड की रजत जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देहरादून दौरे से पहले, एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी द्वारा जारी किया गया एक सर्कुलर चर्चा का विषय बन गया है. इस सर्कुलर में बीटेक सहित अन्य कोर्स के छात्रों को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अनिवार्य रूप से निर्देश दिए गए हैं.
देखते-देखते यूनिवर्सिटी के इस कदम पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं. एक ओर जहां छात्रों के लिए यह ‘अंक’ प्राप्त करने का एक आसान मौका हो सकता है, वहीं कुछ शैक्षणिक विशेषज्ञ इसे छात्रों की स्वैच्छिक उपस्थिति पर दबाव बनाने और राजनीतिक कार्यक्रमों को शैक्षणिक लाभ से जोड़ने का तर्क देने लगे.
भ्रामक जानकारी वायरल कर यूनिवर्सिटी की छवि धूमिल करने की हुई कोशिश

जानकारी के मुताबिक, इस खबर को कुछ शरारती तत्वों ने यूनिवर्सिटी की छवि धूमिल करने के लिए सोशल मीडिया पर फैलाया है. इस संबंध में यूनिवर्सिटी की तरफ से संबंधित थाने में शिकायती पत्र दर्ज कराया गया है. जिसकी एक तस्वीर अब फेक लेटर के जवाब में सोशल मीडिया पर वायरल है. पुलिस को दिए शिकायत पत्र में यूनिवर्सिटी प्रबंधन की तरफ से कहा गया है कि संस्थान ऐसी किसी भी सूचना का पत्र जारी नहीं किया है. पत्र में लिखी गई सभी बातों का संस्थान खंडन करता है.
प्रधानमंत्री का रजत जयंती समारोह में आगमन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 नवंबर को उत्तराखंड राज्य के 25वें स्थापना दिवस (रजत जयंती) समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए देहरादून पहुंच रहे हैं. उनका कार्यक्रम एफआरआई में आयोजित है.
सौगात: पीएम मोदी इस दौरान राज्य को ₹8,260 करोड़ से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे.
संबोधन: प्रधानमंत्री उपस्थित जनसमूह को भी संबोधित करेंगे.
अन्य कार्यक्रम: वह राज्य गठन की रजत जयंती के अवसर पर एक स्मारक डाक टिकट भी जारी करेंगे.
राज्य स्थापना दिवस के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को यादगार बनाने के लिए सरकारी स्तर पर भव्य तैयारियां की गई हैं, लेकिन यूनिवर्सिटी के सर्कुलर ने इस आयोजन से पहले एक अलग ही बहस छेड़ दी है.