पटियाला के निजी अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद, बीकेयू एकता सिद्धूपुर के प्रांतीय अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल वीरवार को अपने गांव डल्लेवाला पहुंचे. यह उनका 129 दिनों बाद घर लौटने का अवसर . इससे पहले, 25 नवंबर को वे खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन के लिए निकले थे. गांव पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया. डल्लेवाला में भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर की अगुवाई में किसान महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें राज्य सरकार की आलोचना की गई और खनौरी तथा शंभू बॉर्डर पर किसानों के मोर्चों को जबरन खत्म करने के लिए निंदा प्रस्ताव पारित किया गया. इस अवसर पर किसानों की मांगों को लेकर संघर्ष को और तेज करने का संकल्प लिया गया. पटियाला में मीडिया से बातचीत करते हुए, डल्लेवाल ने कहा कि एमएसपी की गारंटी कानून की लड़ाई को वे अंत तक लड़ेंगे और इसे पूरा करने के लिए अपनी पूरी जिंदगी समर्पित कर देंगे. उन्होंने पंजाब की मान सरकार पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि पहली बार किसानों को बैठक के लिए बुलाकर गिरफ्तार किया गया और फिर बार्डरों पर मोर्चों पर हमला किया गया, जो बेहद शर्मनाक था. डल्लेवाल ने आगे कहा कि हाल ही में अमरिकी व्यापार प्रतिनिधिमंडल भारत आया है और अमरिकी कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क खत्म करने का दबाव बना रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भारत सरकार इस दबाव में झुकती है, तो यह देश के किसानों के लिए ‘डेथ वारंट’ जैसा होगा. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह किया कि यदि उनकी सरकार किसी विदेशी दबाव के सामने नहीं झुकती, तो वे भारत के किसानों के हकों की रक्षा करें और अमेरिका के दबाव के सामने न झुकें. उन्होंने यह भी कहा कि किसानों का आंदोलन जारी रहेगा, क्योंकि इसी आंदोलन के कारण संसद की कृषि समिति ने एमएसपी गारंटी कानून बनाने की सिफारिश की है. उन्होंने आगामी महापंचायतों की जानकारी दी, जिनमें वे स्वयं भाग लेंगे और किसानों को संबोधित करेंगे. 5 अप्रैल को फिरोजपुर, 6 अप्रैल को पटियाला, 7 अप्रैल को फतेहगढ़ साहिब, 8 अप्रैल को धनौला (बरनाला), 9 अप्रैल को फाजिल्का, 10 अप्रैल को अमृतसर और मई में हरियाणा व राजस्थान में महापंचायतों का आयोजन किया जाएगा.