संयुक्त किसान मोर्चा ने राष्ट्रीय आह्वान पर उपायुक्त कार्यालय के सामने धरना दिया और पंजाब सरकार द्वारा पुलिसिया दमन के विरोध में प्रदर्शन किया। किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति और पंजाब के राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। इस दौरान किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब और केंद्र सरकार ने शंभू और खनौरी बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों के साथ धोखाधड़ी करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया, लाठीचार्ज किया और उनके वाहनों को जब्त किया। किसान नेताओं ने केंद्र सरकार पर 9 दिसंबर 2021 में किए गए वायदों से मुकरने का आरोप लगाया, जिसमें डॉ. स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार, न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी, बिजली निजीकरण बिल वापसी और किसानों को कर्ज मुक्त करने के वादे शामिल थे। इसके अलावा, हरियाणा सरकार से 2023 के 350 करोड़ के खरीफ फसल के बीमा घोटाले की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग की गई और किसानों को बकाया मुआवजा दिलवाने की भी अपील की गई। इस मौके पर किसान नेताओं डॉ. बलबीर ठाकन, मास्टर शेर सिंह, गंगाराम स्योराण, और अन्य नेताओं ने संबोधित किया।