मुकेश कुमार बिजनौर: दिल्ली में समाचार कवरेज कर रहे पत्रकारों को पुलिस द्वारा डिटेन किए जाने की घटना के विरोध में अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति, जनपद बिजनौर ने कड़ा विरोध जताते हुए राष्ट्रपति महोदया को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी बिजनौर के माध्यम से भेजा है। समिति ने घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराए जाने, जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने तथा देशभर में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किए जाने की मांग की है। डीएम की ओर से ज्ञापन लेने के लिए बाल इंदिरा भवन में विजय कुमार नायब तहसीलदार सदर को भेजा गया।
समिति के जिलाध्यक्ष हाशिम अहमद ने ज्ञापन में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका है। पत्रकार जनहित से जुड़े मुद्दों को जनता के सामने लाने के साथ ही आम नागरिकों की आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। ऐसे में समाचार संकलन और कवरेज के दौरान पत्रकारों को उनके कर्तव्यों के निर्वहन से रोकना प्रेस की स्वतंत्रता तथा लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करता है।
ज्ञापन में कहा गया कि मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है। पत्रकारों की स्वतंत्रता केवल मीडिया जगत का विषय नहीं, बल्कि आम जनता के सूचना पाने के अधिकार से भी जुड़ी है। कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस का दायित्व है, लेकिन किसी भी पत्रकार के विरुद्ध कार्रवाई कानून के अनुरूप और उचित आधार पर होनी चाहिए। यदि संबंधित मामले में किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा नियमों का उल्लंघन अथवा अधिकारों का दुरुपयोग किया गया है, तो निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए।
अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति ने राष्ट्रपति से दिल्ली की घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने, समाचार कवरेज के दौरान पत्रकारों के काम में अनावश्यक हस्तक्षेप पर रोक लगाने तथा पत्रकारों की शिकायतों के निस्तारण के लिए स्वतंत्र एवं प्रभावी राष्ट्रीय पत्रकार आयोग गठित करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त देशभर में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने, उत्पीड़न, धमकी और हिंसा की शिकायतों पर त्वरित सुनवाई की व्यवस्था बनाने तथा पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के लिए पत्रकारों के अधिकारों से संबंधित स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग भी उठाई गई है।
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि समिति का उद्देश्य कानून-व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करना नहीं, बल्कि कानून के दायरे में पत्रकारिता की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित कराना है। समिति ने संबंधित घटना की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि पत्रकार बिना भय और दबाव के अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।