पंजाब: सोमवार रात शहर में युद्ध जैसी आपात स्थिति से निपटने के अभ्यास के तहत रात 8 बजे से 9 बजे तक पूर्ण ब्लैकआउट किया गया. प्रशासन के निर्देशों के अनुसार, बिजली विभाग ने पूरे शहर की आपूर्ति काट दी थी और लोगों को अपने घरों के इन्वर्टर और जेनरेटर तक बंद रखने को कहा गया था. सड़कों, गलियों और मोहल्लों में अंधेरा छा गया और लोग घरों में ही दुबके रहे.
हालांकि, इस ब्लैकआउट के दौरान माईहीरा गेट इलाके से कुछ चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आईं. इस क्षेत्र में मौजूद मोबाइल टावरों की लाइटें जलती रहीं, जिससे स्थानीय लोग हैरान रह गए. मानव अधिकार आयोग के सदस्य अरुण शर्मा ने इस पर सवाल उठाए और कहा कि प्रशासनिक आदेशों के बावजूद इन टावरों की लाइटें बंद क्यों नहीं की गईं?
प्रशासन ने इस रिहर्सल के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. यह अभ्यास इसलिए किया गया ताकि यदि भविष्य में राज्य में युद्ध जैसी कोई स्थिति बनती है, तो शहर को सुरक्षित रखा जा सके और रोशनी के आधार पर किसी भी टारगेटिंग से बचा जा सके.
मामले पर अब बिजली विभाग और संबंधित टेलीकॉम कंपनियों से जवाब तलब किए जाने की संभावना जताई जा रही है.