अरशद खान: पंजाब के लुधियाना जिले में युवा कबड्डी खिलाड़ी तेजपाल सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर की गई हत्या ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद पंजाब की राजनीति गरमा गई है. विपक्षी दलों – बीजेपी (BJP) और कांग्रेस (Congress) – ने इस घटना को लेकर सीधे मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पर निशाना साधा है, जिनके पास गृह विभाग का प्रभार भी है.
कानून-व्यवस्था पर सवाल: विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं.
“रंगला पंजाब” पर तंज: बीजेपी और कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री के ‘रंगला पंजाब’ (खुशहाल पंजाब) के दावे पर तंज कसते हुए कहा है कि यह ‘रंगला पंजाब’ नहीं, बल्कि अपराधियों का राज बन गया है. कांग्रेस के नेताओं ने दावा किया कि राज्य के खिलाड़ी और व्यापारी सुरक्षित नहीं हैं.
मुख्यमंत्री पर निष्क्रियता का आरोप: कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस समय राज्य के लोग डर में जी रहे हैं, मुख्यमंत्री “सो रहे हैं.
मामले की स्थिति:
लुधियाना के जगरांव इलाके में एसएसपी कार्यालय के पास ही कबड्डी खिलाड़ी तेजपाल सिंह को पुरानी रंजिश के चलते गोली मार दी गई थी. पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए एक आरोपी गुरसहाब सिंह का एनकाउंटर कर दिया है, जबकि एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस का कहना है कि यह हत्या आपसी रंजिश का परिणाम थी, लेकिन विपक्ष इसे राज्य सरकार की विफलता के रूप में पेश कर रहा है.
इस हाई-प्रोफाइल हत्या ने सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड (2022) के बाद एक बार फिर राज्य में सुरक्षा और गैंगस्टर गतिविधियों के मुद्दे को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है.