अरशद खान: उत्तर प्रदेश में बुधवार शाम से शुरू हुए धूल भरी आंधी और तेज बारिश के सिलसिले ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में दीवार गिरने, पेड़ उखड़ने और बिजली गिरने जैसी घटनाओं में 45 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। सबसे अधिक तबाही भदोही जिले में देखी गई, जहां मरने वालों की संख्या 17 तक पहुंच गई है। इसके अलावा प्रयागराज, मिर्जापुर, फतेहपुर और बदायूं में भी बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है।
प्रमुख प्रभावित क्षेत्र और हादसे
भदोही: जिले में 17 लोगों की मौत हुई है। यहाँ ओवरहेड बिजली के तार टूटने से रेल यातायात भी घंटों प्रभावित रहा।
फतेहपुर और मिर्जापुर: फतेहपुर में 9 और मिर्जापुर में 10 लोगों की मौत की खबर है। अधिकांश मौतें घर की दीवार गिरने या पेड़ों के नीचे दबने से हुई हैं।
अन्य जिले: मेरठ, कासगंज, बुलंदशहर और गाजियाबाद समेत पश्चिमी यूपी के कई जिलों में भी जनहानि दर्ज की गई है।
प्रशासनिक मुस्तैदी और मुआवजे का ऐलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आपदा पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सभी संबंधित जिलाधिकारियों को तत्काल राहत कार्य चलाने और प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर सहायता राशि उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए हैं। प्रशासन को घायलों के समुचित उपचार और बिजली आपूर्ति को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर काम करने को कहा गया है।
सावधानी की अपील: मौसम विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों के लिए राज्य के कई जिलों में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान वे पुराने भवनों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।