भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने गुरुवार देर रात राज्य के सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों को तीन दिन के लिए बंद करने का आदेश जारी किया है. लेकिन इसके बावजूद, लुधियाना समेत कई जिलों में स्कूल प्रबंधन द्वारा अध्यापकों पर स्कूल आने का दबाव डाला जा रहा है.
लुधियाना के सरकारी और निजी स्कूलों में शिक्षकों को स्कूल बुलाए जाने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. शिक्षकों का कहना है कि मंत्री के आदेश में कहीं भी स्टाफ को स्कूल बुलाने की बात नहीं कही गई है, फिर भी डीईओ द्वारा पहले से जारी आदेशों का हवाला देते हुए उन्हें स्कूल बुलाया जा रहा है.
सथ ही सथ अध्यापको का कहना है की हमें स्कूल बुलाया जा रहा है, जबकि मंत्री जी ने साफ कहा है कि तीन दिन की छुट्टी रहेगी. मौजूदा हालात में स्कूल आना सुरक्षित नहीं है.
डीईओ डिम्पल मदान द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया था कि स्कूल बंद रहने के बावजूद स्टाफ को उपस्थित रहना होगा. अब सवाल यह उठ रहा है कि मंत्री और डीईओ के परस्पर विरोधी आदेशों में से किसे सही माना जाए.
फिलहाल सरकारी और निजी स्कूलों के प्रिंसिपल्स और शिक्षक किसी स्पष्ट दिशा-निर्देश की प्रतीक्षा में हैं. राज्य सरकार को चाहिए कि वह स्थिति स्पष्ट करे ताकि भ्रम की स्थिति खत्म हो और शिक्षकों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो.