मुकेश कुमार, बिजनौर: धर्म और संस्कृति की पावन नगरी नगीना में हाल ही में एक ऐसा अलौकिक और हृदय स्पर्शी दृश्य देखने को मिला, जिसने हर उम्र के व्यक्ति के मन को भक्ति-भाव से सराबोर कर दिया।
अवसर था भगवान राम की भव्य और अलौकिक बारात का, जिसे लेकर शहरवासियों में महीनों का उत्साह और उल्लास साफ झलक रहा था। बैंड-बाजों की मधुर थाप, की गूंज और उस पर झूमते श्रद्धालुओं ने पूरे नगीना शहर को जैसे अयोध्या धाम में परिवर्तित कर दिया हो।
इस मांगलिक आयोजन का शुभारंभ मंडी समिति से हुआ, जहां से अत्यंत मनमोहक और सजी-धसजी झांकियों के साथ यह कारवां आगे बढ़ा। झांकियों की सुंदरता और कलाकारों के जीवंत अभिनय ने हर देखने वाले का मन मोह लिया।बारात का यह पावन मार्ग शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए गुजरा, जिससे पूरे रास्ते मे जैसा उत्सव का माहौल बन गया।
प्रमुख मार्ग रेलवे स्टेशन, गांधी मूर्ति, मंडी मौलगंज, लुहारी सराय, मझेलेटा बाजार, और विश्नोई सराय से होता हुआ समापन रामलीला बाग मंदिर में हुआ ।मार्ग में जहाँ-जहाँ से बारात गुजरी, वहाँ-वहाँ स्थानीय निवासियों और दुकानदारों द्वारा पलक-पावड़े बिछाकर स्वागत किया गया। कहीं फूलों की वर्षा की गई । महिलाओं और बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था। हर कोई इस ऐतिहासिक क्षण को अपने कैमरे और आँखों में हमेशा के लिए कैद कर लेना चाहता था। भजनों की गूंज और “जय श्री राम” के जयकारों से पूरा आसमान गूंज उठा।प्रशासन और गणमान्य लोगों का विशेष योगदान इतने बड़े आयोजन को शांतिपूर्ण, अनुशासित और सफल बनाने में स्थानीय प्रशासन और कर्मठ आयोजकों की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। पुलिस प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच बारात ने अपने तय मार्ग को तय किया।
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में निम्नलिखित गणमान्य अधिकारियों और नागरिकों ने अपनी विशेष उपस्थिति दर्ज कराई
पुलिस प्रशासन सीओ राजेश सोलंकी, इंस्पेक्टर धर्मेन्द्र कुमार, उप निरीक्षक सुकरमपाल राणा प्रमुख नागरिक व आयोजक राजू विश्नोई, संदीप शर्मा, प्रमोद चौहान, अनूप वाल्मीकि, प्रहलाद कुशवाहा लवी मित्तल, संजीव दत्त शर्मा उर्फ गोपाल, रोहित रवि।
इनके साथ-साथ क्षेत्र के हज़ारों श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ इस यात्रा में सहभागिता निभाई।
रामलीला बाग मंदिर में आरती के साथ समापन
शहर के मुख्य मार्गों से परिक्रमा करते हुए यह भव्य बारात रामलीला बाग मंदिर पहुँची, जहाँ इसका समापन एक विशाल और भव्य धर्म सभा के रूप में हुआ। मंदिर परिसर में सामूहिक आरती उतारी गई, जिसमें सभी ने मिलकर देश और समाज की सुख-शांति की प्रार्थना की।
यह आयोजन केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि नगीना के लोगों की आपसी प्रेम, भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का एक जीवंत प्रमाण बन गया। इस मनमोहक और सफल आयोजन को देखकर हर श्रद्धालु का हृदय गदगद हो उठा